क्या मस्त चुदाई की भाबी के साथ

ये आज से ६ महीने पहले की घटना है. जो मेरी और मेरी भाभी निशा (नाम चेंज) की है और हम दोनों की मर्जी से शेयर हो रही है. भाभी २९ साल की है. उनका रंग गोरा है. क्या लगती है.. बहुत ही जबरदस्त माल है. माँ कसम.. बूब्स ३२डी.. उनका फिगर ३२-३०-३२ का है और हाइट ५.१० है. मुझे घुमने का काफी शौक है और स्पेशली चाय की थडी पर, चाय की चुस्की लेना. वहां मेरी मुलाकात एक बन्दे राजेश से हुई. जोकि मोबाइल की शॉप करता है. हम फोर्मली मिलते थे डेली. एकदिन उसने मुझे उसके बेबी के फर्स्ट बर्थडे पर बुलाया. मैं गया उसके घर.. और भी गेस्ट थे. मैंने पहली बार जब निशा को देखा. तो समझ नहीं आया.. कि ये बला है क्या? फिर हमने डिनर किया और मैं वापस आ गया. धीरे – धीरे हमारी नजदीकिया बढती गयी और मैं डेली उसके घर जाने लगा.

उसने भी अपना प्रोफेशन चेंज कर दिया. अब वो डेली ड्रिंक करके घर आने लगा. उन दिनों मैं बॉम्बे गया हुआ था, फॅमिली के पास. मैंने वहां से कॉल किया मेरे फ्रेंड को. तो उसने सारी बात बताई. मुझे कुछ समझ नहीं आया. ऐसा क्या हुआ और अगर ये ही चलता रहा, तो उसका घर टूट जाएगा. क्योंकि निशा परेशान होकर राजेश का घर छोड़ कर चली गयी थी. मैंने उससे काफी कांटेक्ट करने की कोशिश की, बट कुछ नहीं हुआ. फिर मैं जब वापस आया. तो उन दोनों को मैंने एक होटल में बुलाया और दोनों समझाया और निशा राजेश के घर वापस आ गयी. अब मैं निशा के काफी क्लोज आ गया था और राजेश का हमदर्द बन गया था. वो अब जरा – जरा सी बात कर कॉल करने लगा था. जब भी निशा भाभी को कोई काम होता, तो वो मुझे अब फ़ोन करके घर बुला लेती थी. मैं जब भी उसके घर पहुचता, तो वो या तो झाड़ू लगा रही होती थी या पौछा.. वो एक हाथ से अपने बूब्स को ढक कर रखती थी. एक दिन उसके बेटे को डॉक्टर के पास ले जाना था और राजेश फ्री नहीं था. तो मैं निशा भाभी को और उसके बेटे को डॉक्टर के यहाँ ले गया. रास्ते में, उसने मुझसे पूछा, कि मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है? मैंने उससे कहा – प्लीज लिव दिस टोपिक. जब उसने मुझसे कारण पूछा और मैंने बताया, कि मेरी कोई गर्ल फ्रेंड नहीं है और मुझे अच्छा नहीं लगता; जब कोई इस बारे में बात करता है. तो उसने सॉरी फील किया और मुझसे कहा – मेरी उम्र में, जिन्दगी को ऐश से जीना चाहिए. जब हम डॉक्टर के यहाँ पहुचे, तो मैंने उसके बेटे को गोद में ले लिया था और मेरा हाथ बार – बार उसके बूब से टच हो रहा था.

मैं भी थोडा एन्जॉय कर रहा था. निशा भाभी ने भी ऑब्जेक्शन नहीं किया. हम फिर घर वापस आ गये और वो बोली – बैठो, मैं चाय लाती हु. मुझे तो आज बस उसकी गांड दिख रही थी और मैं लंड तो कब का खड़ा हो चूका था. पता नहीं, उसने इस बात को नोटिस किया कि नहीं.. मैं अपने घर वापस आ गया और उसके नाम की ३ बार मुठ भी मारी. ऐसा कुछ दिनों तक चला और अब वो मुझसे बहुत ही फ्रेंक हो गयी थी. एक दिन मैंने निशा को को कॉल किया और कहा, कि मुझे एक लड़की से प्यार हो गया है और मैंने उसे प्रोपोज भी किया. वो मान भी गयी है. उसने मुझे बीजी बता कर फ़ोन काट दिया. ये आईडिया मुझे एक दोस्त ने दिया था. शाम को मैं उसके घर गया, तो वो सैड थी. मैंने उसको पूछा – क्या हुआ? वो बोली – कुछ नहीं. मेरे ज्यादा पूछने पर, वो बोली – राजेश मेरा ज्यादा ध्यान नहीं रखते है. घर आते है, तो बहुत ज्यादा दारु के नशे में होते है और फिर खाना खा कर सो जाते है. महीनो से हमने ठीक से बात भी नहीं की है. मुझे निशा भाभी की आँखों में हवस और सेक्स की प्यास साफ़ झलक रही थी. मैं भी बहुत उत्सुक था, उसे चोदने के लिए. मैंने मन – ही – मन में सोचा, कि दोस्त का बताया हुआ आईडिया काम कर गया. दोस्तों, औरतो का इतिहास रहा है, कि उन्हें चोदन और भोजन दोनों भर पेट चाहिए होता है. अगर दोनों उनको घर में ना मिले, तो वो दोनों को बाहर तलाशने लगती है.

फिर मैंने नोटिस किया, कि अब वो काम करते वक्त अपने बूब्स को हाथ से नहीं ढकती थी. उसकी क्लीवेज साफ़ दिखती थी. अब वो दिन आ गया था, जिसका मुझे ६ मंथ से इंतज़ार था दोस्तों. मेरे मन निशा को चोदना घर कर गया था और उसको बड़ी ही शिद्दत से चोदने की खवाइश थी. वो किचन में चाय बना रही थी और अपनी गांड मटका रही थी. मैंने पीछे से जा कर उसे टच किया और उसने मुझे एक नॉटी सी स्माइल दे दी. मैं उसके कंधे पर हाथ रख कर सहलाने लगा. उसने मेरा हाथ हटा दिया और अजीब बिहेव किया और कहा – आप बैठो, मैं चाय लेकर आ रही हु. वो मेरे पास आई और सोफे पर आकर बैठ गयी. उसके और मेरे बीच में कोई डिस्टेंस नहीं थी. हमने चाय पी और उसने मुझे पूछा, कि उस लड़की का फोटो नहीं दिखाओगे? मैंने कहा – आप नाराज़ जो जाओगे. क्योंकि लास्ट टाइम जब मैंने बोला था, वो आपने गुस्से में फ़ोन काट दिया था. उसने कहा – नहीं आप दिखाओ. मैंने उसको बोला – मैं वाशरूम जाकर आता हु. आकर दिखता हु. मैंने वाशरूम से मिरर ले आया और उसे दिखा दिया. वो खुश हो गयी और मैंने उसे हग कर लिया. उसने भी मुझे टाइट पकड़ लिया और मैं अब उसकी नैक पर किस करने लगा था.

मैंने उसके गालो पर किस किया और अपनी जीभ उसके गालो पर चला रहा था और फिर मैं उसके लिप पर आ गया और उसको लिप किस करने लगा. मेरे होठो उसके होठो से जुड़े हुए थे और हम एक दुसरे की साँसों को महसूस कर सकते थे और हम दोनों की आँखे बंद थी. वो मुझे प्रॉपर रेपोंस कर रही थी. १५ मिनट तक किस करने के बाद, उसने मुझे हटा दिया और बोली – आज के लिए बस इतना ही, बाकि फिर कभी. बट मैं ऐसे कहाँ मानने वाला था. मैंने उसे गोद में उठा लिया और उसे बेडरूम में ले गया और उसके ब्लाउज को खोलकर किस करने लगा. वो भी प्रॉपर रेस्पोंस करने लगी थी. मैंने अब उसकी साड़ी खोल दी थी, जैसे कि उसका चीर-हरण हो रहा हो. फिर, मैंने उसका पेटीकोट भी उतार दिया और अब वो मेरे सामने सिर्फ ब्रा और पेंटी में खड़ी थी. क्या लग रही थी वो बेबी पिंक कलर की ब्रा और पेंटी में. मैं उसके पेरो से किस करता हुआ, उसके बूब्स तक गया और उनको दबाने लगा. वो तो बस मोअनिंग किये जा रही थी. मैंने झटके से उसका ब्रा खीच दिया और वो फट गया. वो बोली – आराम से. अभी तो नया लिया था. राजेश गुस्सा करेंगे, कि कैसे फट गया? मैं तो पुरे जोश में थे और मैं उसकी पेंटी भी फाड़ दी. अब मैंने अपने कपड़े भी उतार दिए. जैसे ही उसने मेरा लंड देखा, वो डर गयी और बोली – ना बाबा. मैं नहीं लेने वाली इतना बड़ा. ये तो माँ चोद कर रख देगा मेरी चूत की. आई वाज शोकेड विद दिस रिप्लाई. मैंने उसे समझाया और कहा – लंड कितना भी बड़ा क्यों ना हो, चूत में आसानी से चले जाता है.

फिर मैं उसकी चूत चाटने लगा और वो पागल हुए जा रही थी. स्सस्सस्सीईईईई स्सस्सस्सीईईईई आहाहहहः और तेज.. और तेज …तेज तेज तेज … और तेज बोलकर मेरे सिर को अपनी चूत में दबा रही थी. उसका सारा बदन अकड़ गया और वो एकदम से झड़ गयी. मैंने उसे बोला – अब तुम्हारी बारी.. अब तुम मेरा लंड मुह में ले लो. वो मना करने लगी. तो मैंने उसे समझाने की कोशिश की. पर वो नहीं मानी. फिर, मैंने उसका मुह पकड़ा और जबरदस्ती अपना लंड उसके मुह में घुसा दिया. उसने अपने हाथ से मुझे धक्का दे दिया और वो मछली की तरह तड़पने लगी थी. मैंने बोला – आज के लिए बहुत है. अगली बार करेंगे. वो बोली – अब क्या हुआ? मैंने बोला – तुझे कुछ करना ही नहीं है. तो मैं तुझे क्यों फ़ोर्स करू? वो बोली – अच्छा, दो मेरी जान और उसने मेरा लंड पकड़ा और अपने मुह में लेकर लोलीपोप की तरह चूसने लगी. फिर मैंने अपना पानी उसके मुह में छोड़ दिया. मैंने उसको पानी जबरदस्ती पिला दिया. फिर उसने मेरे लंड को चाट कर साफ़ किया और फिर से हिला – हिला कर चूसने लगी. अब हम दोनों ६९ की पोजीशन में आ गये थे और मजे से लिकिंग कर रहे थे. क्या बताऊ यारो… ऐसा लग रहा था, कि वो एक प्रोफेशनल रंडी है और कुछ ही देर में मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया.

उसकी आँखे बाहर आ गयी. वो बोली – इतनी जल्दी फिर से खड़ा हो गया. लगता है बेचारा काफी टाइम से प्यासा है. वो तड़प रही थी और मुझे मज़ा आ रहा था. निशा बोली – चोद मादरचोद और मुझे अभी भी मज़ा आ रहा था. उसे अचानक से गुस्सा आ गया और उसने मेरे लिप काट लिए और पुरे नेल्स पीठ पर गढ़ा दिए. मैं उसके बूब्स को दबा रहा था और मस्ती में चूस रहा था. वो बहुत गरम हो चुकी थी. बट कुछ बोल नहीं रही थी. मुझे उसे तड़पाने में मज़ा आ रहा था. फिर, मैंने अपने लंड को उसकी चूत पर रखा और रगड़ने लगा और फिर एक तेज धक्का मारा और मेरा आधा लंड उसकी चूत में घुस गया. अब मैं सातवे आसमान में था और मेरा लंड गरम समंदर में दाखिल हो चूका था. वो एकदम से चिल्लाई आआआआअह्हह्हह मर गयीईईईईईईईएस्सस्सस्सस्सस्सस्स. प्लीज बाहर निकालो इसे. प्लीज प्लीज प्लीज्ज्ज्जज्ज्ज्जज्ज्ज आआआआअह्हह्हह्हह. उसकी आँखों में से आंसू आ गये. मैं उसे ऐसे ही चोदता रहा. फिर थोड़ी देर बाद, वो हिलने लगी और मैं एक तकिया उसकी गांड के नीचे लगा दिया और धीरे – धीरे स्टार्ट किया. मुझे मस्ती का अहसास हो रहा था और धीरे – धीरे धक्के मार रहा था. वो भी फुल्टू एन्जॉय कर रही थी और मैं उसे चोद रहा था.

वो उछल – उछल कर मज़ा ले रही थी. उसकी टाइट चूत चोदने में बड़ा ही मज़ा आ राह था और मुझे मस्ती का अहसास हो रहा था. उसकी टाइट चूत चोदने में बड़ा मज़ा आ रहा था. अहह्ह्ह्हह आहहाआअ… ऊउफ़्फ़फ़्फ़फ़्फ़फ़्फ़फ़्फ़ चोदोऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ अहहहहः आआअह्हह्हह्ह और एक तेज वाला झटका दिया और सारा लंड निशा की चूत में उतर गया. निशा की आँखे बाहर आने वाली थी. वो जोर से बोली – मरर्र्रर्र्र्रर्र्र र्र्रर्र्र्रर्र्र र्र्रर्र्र्रर्र्र र्र्रर्र्र्रर्र्र गयीईईईईईस्सस्सस्सस्स … मेरा लंड उसकी बच्चेदानी पर टकरा रहा था. उसके मुह से आआअह्हह्हह्ह बसस्सस्सस्सीईईईई बसस्सस्सस्सीईईईई ऊऊओह्हह्हह आहाह्ह्ह्हहउफ्फ्फफ्फ्फ़ चोद मुझे और जोर से चोद…. फाड़ दी मेरी चूत … ऊऊओह्हह्हह निकल रहे थे. वो मुझे गलिया दे रही थी. चोद मुझे कुत्ते…. आआआआआ मेरी स्पीड बहुत तेज हो चुकी थी और वो भी अपनी गांड से मेरे सारे धक्को का जवाब दे रही थी. वो अब तक २ बार झड़ चुकी थी और मेरे लंड के अन्दर जाते ही फच – फच – फच की आवाज़ आ रही थी. वो साली रंडी आज पूरी तरह से अपनी प्यास बुझाने वाली थी और करीब ४५ मिनट की जबरदस्त चुदाई के बाद, मैंने भी झड़ने वाला था.

मेरी स्पीड देख कर वो समझ गयी, कि मैं पूरा होने वाला हु. वो बोली – अन्दर ही छोड़ना, अपना रस. फिर मैंने अपना माल उसकी चूत में निकाल दिया और उसके ऊपर लेट गया. हम दोनों बहुत थक चुके थे और फिर हमने २ राउंड और मारे और साथ में सो गये गये. शाम होने वाली थी, तो हमारी आँख खुली और मैंने उसके माथे पर किस करते हुए पूछा, भाभी मज़ा आया? कैसा लगा? उसके चेहरे पर ख़ुशी झलक रही थी और वो बोली, आज जिन्दगी में पहली बार पूरी तरह से संतुष्ट हुई हु. उसके बाद तो मैं जब भी चाहता, तो उसके घर चले जाता और उसको मस्त चोदता.. वो भी मेरी चुदाई का इंतज़ार करती…