पटना में मिला कमसिन चूत का तोहफा

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हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम अशोक है और में एक बार फिर से आपके लिए एक कहानी लेकर आया हूँ. जब में किसी काम से बिहार गया था तो में पटना स्टेशन पर दोपहर 1 बजे उतरा. मेरा काम दो तीन दिन का था और जब बहुत तेज गर्मी हो रही थी.

में प्लेटफॉर्म से बाहर निकलकर एक कोने में खड़ा होकर सिगरेट पी रहा था. मुझे उस दिन कोई जल्दी नहीं थी, सिर्फ़ मुझे होटल लेकर रुकना था. तभी मैंने देखा कि एक लड़की जो थोड़ी ग़रीब लग रही थी और एक कोने में बैठी हुई थी, ऐसा लग रहा था जैसे वो बहुत परेशान हो. उसकी उम्र कोई 19-20 साल की होगी, उसने सलवार सूट पहना हुआ था, उसकी चप्पल गंदी और टूटी हुई लग रही थी, वो एक बेंच पर बैठी हुई थी. अब में उसे 15 मिनट से देख रहा था, मुझे वो काफ़ी परेशानी में लग रही थी.

फिर में उसके पास जाकर बैठ गया और 10 मिनट तक उसी के पास बैठा रहा. उसके शरीर से हल्की सी पसीने की स्मेल आ रही थी. अब में सोच रहा था कि उससे बात करूँ, लेकिन मेरी हिम्मत नहीं हो पा रही थी. फिर अचानक से उसने मुझसे खुद ही पानी माँग लिया तो मैंने उसे पानी की बोतल दे दी और वो पूरी बोतल का पानी पी गयी, पानी ठंडा था.

फिर पानी ख़त्म करके वो बोली सॉरी में सारा पानी पी गयी, तो मैंने कहा कि कोई बात नहीं. फिर उसने मुझसे टाईम पूछा तो मैंने कहा कि 2 बज रहे है. फिर वो चुप हो गयी. फिर मैंने उससे पूछा कि आपको कहाँ जाना है? तो वो बोली कि मुझे मधुबनी जाना है. फिर मैंने पूछा कि वहाँ आप रहती है? तो वो बोली कि नहीं वहाँ मेरा ससुराल है, तो मैंने कहा कि आपकी शादी हो गई है. फिर वो बोली हाँ, तो मैंने कहा कि लेकिन आप लगती नहीं है.

फिर हमारे बीच में थोड़ी बहुत बातें हुई और अब मुझे उसकी बातों से लगा कि वो किसी गावं से आई है. तभी वहाँ एक टी.टी. आया और लोगों को भगाने लगा, जिनके पास टिकट नहीं था. फिर जब वो हमारे पास आया तो उससे टिकट माँगा तो वो कहने लगी कि उसके पास टिकट नहीं है तो टी.टी. उससे जुर्माना भरने को कहने लगा.

मैंने कहा कि ये मेरे साथ है और टिकट मेरे पास है. फिर वो बोला कि जुर्माना तो देना पड़ेगा, तो मैंने टी.टी. को 100 रुपये का नोट देकर भगा दिया. फिर वो मुझे थैंक्स कहने लगी. फिर मैंने उससे पूछा कि आपके पास टिकट नहीं है. फिर वो बोली कि में बिना टिकट के आई हूँ. फिर मैंने अपने बैग से कुरकुरे की थैली निकाली और उसे खाने को दी, तो वो झट से खाने लगी. अब उसे देखकर लगा कि वो बहुत भूखी है. फिर मैंने उससे कहा कि मुझे बहुत भूख लगी है तुम चलोगी मेरे साथ खाना खाने. फिर पहले तो वो नहीं बोली और फिर बोली कि ठीक है. फिर हम पास में ही एक होटल में खाना खाने गये.

फिर मैंने उससे पूछा कि तुम क्या खाओगी? तो वो बोली कि कुछ भी, तो मैंने चावल दाल मिक्स और रोटी का ऑर्डर दिया. सॉरी में आपको उस लड़की का नाम तो बताना ही भूल गया, उसका नाम सोनी था और उसकी हाईट करीब 5 फुट होगी, शरीर भरा हुआ था, बूब्स 34 साईज के होंगे, नाक में रिंग, हाथों में चूड़ी और पुराना सा काले कलर का सूट और सफेद सलवार पहनी थी. उसके बाद वेटर खाना लाया और वो जल्दी-जल्दी खाने लगी और अचानक से बोली कि वो दो दिन के बाद खाना खा रही है. फिर मैंने कहा कि दो दिन, तो वो सकपका गयी.

फिर कुछ सोचकर बोली कि हाँ दो दिन से में इस स्टेशन पर ही हूँ. फिर मैंने उससे कहा कि तुम कहाँ से आई हो? तो उसने कहा कि समस्तीपुर से और फिर वो खाना खाने लगी. फिर जब उसका पेट भर गया तो वो हाथ धोने उठी, उसके पास एक छोटा सा कंधे पर टाँगने वाला बैग था. फिर बिल देकर हम वापस आए. फिर मैंने पानी की दो बोतल खरीदी और उसे दे दी.

फिर हम वापस स्टेशन आए. फिर में उसे लेकर फर्स्ट क्लास वेटिंग रूम में गया, वहाँ लोग कम थे और ए.सी. चल रहा था. फिर वहाँ बैठने के बाद मैंने उससे उसकी कहानी पूछी, तो उसने पहले तो मना किया. फिर धीरे-धीरे उसने पूरी सच्चाई बताई, वो लोग समस्तीपुर के रहने वाले थे और उसका बाप एक मज़दूर था, उसके दो भाई थे और वो सबसे बड़ी थी.

उसका बाप बहुत दारू पीता था और माँ भी एक दो घरो में बर्तन झाडू का काम करती थी. उसके भाई आवारा थे और चोरी चकारी करते थे और वो कभी जैल में तो कभी बाहर रहते थे कि अचानक एक दिन उसकी माँ मर गयी. फिर कुछ दिन के बाद उसका बाप एक औरत को अपने साथ रहने के लिए ले आया, वो कोई नाचने वाली थी. फिर उसकी उस नई औरत से दिनभर लड़ाई होती थी. फिर एक दिन वो उसके पड़ोस में रहने वाले एक लड़के के साथ पटना चली आई और वो लड़का उसे पटना में छोड़कर कहीं भाग गया, जिसे वो अपना पति कहती है और ये कहते-कहते वो रोने लगी और उसे गाली देने लगी.

फिर मैंने उससे पूछा कि अब कहाँ जाओगी? तो वो बोली पता नहीं, तो मैंने कहा कि तुम्हारे पास कुछ पैसे है? तो वो बोली नहीं है. फिर मैंने कहा कि तो क्या सोचा है? यहाँ तो लोग तुम्हें उठा ले जायेंगे. फिर वो बोली साहब में अकेली हूँ, बेसहारा हूँ, में क्या करूँ? अब ये सब सुनते-सुनते शाम हो गयी थी. फिर मैंने उससे कहा कि चलो कुछ खा लो भूख लगी होगी.

फिर में उसे लेकर उसी होटल में गया और मैंने उसे वहाँ खाना खिलाया. फिर मैंने उससे कहा कि देखो अगर तुम बुरा नहीं मानो तो तुम मेरे साथ चलो, तुम मेरे घर का काम कर दिया करना और वहीं रहना, बाकी तुम्हारी मर्ज़ी, लेकिन में यहाँ पटना में 3 दिन के लिए हूँ और मेरा घर वेस्ट बंगाल में है और वहाँ में अकेले रहता हूँ सोच लो. फिर वो बोली ठीक है साहब में चलूंगी, वैसे भी मेरा अब कोई ठिकाना नहीं है. फिर मैंने उससे कहा कि तीन दिन मेरे साथ होटल में रहोगी, तो वो बोली ठीक है.

फिर मैंने उससे कहा कि लेकिन लोगों को बोलना कि तुम मेरी पत्नी हो, तो वो बोली कि ठीक है. फिर मैंने उससे पूछा कि तुम्हारे पास सिंदूर और मंगलसूत्र है क्या? तो वो बोली हाँ है. फिर मैंने उससे कहा कि चलो में तुम्हें कुछ कपड़े दिला देता हूँ. फिर में उसे लेकर एक दुकान में गया और उसे कुछ साड़ी और ब्लाउज दिलाया और कुछ सस्ते सूट और कुछ मैक्सी दिला दी. फिर में उसे लेकर स्टेशन आया, अब मुझे वो थोड़ी खुश लग रही थी.

फिर मैंने वेटिंग रूम में पहुँचकर उससे बोला कि तुम फ्रेश हो लो और नये कपड़े पहन लो, तो वो बोली कि ठीक है. फिर मैंने उसे शैम्पू और साबुन दे दिया. फिर वो अंदर बाथरूम में गयी और करीब आधे घंटे के बाद वो बाहर आई, वो साड़ी में क्या माल लग रही थी? बहुत सुंदर गोरा चेहरा और बाल सवरे हुए, अब वो बहुत सुंदर लग रही थी.

फिर मैंने उसे सैंडल दी, जो हमने खरीदी थी. फिर मैंने उसे मंगलसूत्र और सिंदूर लगाने को बोला, तो उसने अपने बैग से निकाला, तो मैंने देखा कि उसके बैग में दो चार गंदे कपड़े थे. फिर उसने सिंदूर लगा लिया और मंगलसूत्र पहन लिया. फिर मैंने उसे लिपस्टिक दी जो मैंने दुकान से ली थी. फिर उसने लिपस्टिक लगाई और अब वो बहुत सुंदर लग रही थी.

फिर मैंने उसे थोड़ा ध्यान से देखा तो उसने अंदर ब्रा नहीं पहनी थी, लेकिन साड़ी मोटी होने के कारण पता नहीं चल रहा था. फिर मैंने उससे कहा कि तुम्हारा बैग बहुत गंदा है इसे फेंक दो, में तुम्हें नया दिला दूँगा, तो वो बोली कि ठीक है. फिर मैंने अपने बैग से उसे पर्फ्यूम निकालकर दिया और उसे लगा दिया.

फिर हम वहाँ से निकले और उसने अपना बैग फेंक दिया. फिर मैंने उसे एक पर्स दिलाया और अब मैंने उसके नये कपड़े अपने बैग में रख लिए थे. फिर मैंने एक फाईव स्टार होटल में जाकर गाड़ी रोकी. फिर हम होटल में घुसे और उसने शायद ऐसा होटल कभी सपने में भी नहीं देखा होगा, वैसे मुझे होटल का सारा पैसा सरकार से रिटर्न हो जाता था.

फिर मैंने उसे अपनी पत्नी बताकर एक रूम ले लिया और फिर में उसे लेकर कमरे में आ गया. फिर मैंने उससे पूछा कि तुम्हें मेरे साथ एक कमरे में रहने से कोई दिक्कत तो नहीं है ना, तो वो बोली नहीं. फिर मैंने उससे बोला कि तुम चाहों तो फ्रेश हो लो, में थोड़ी देर के बाद होऊंगा.

फिर वो अपने कपड़े माँगने लगी तो मैंने उसे उसके कपड़े निकालकर दिए. फिर उसने उसमें से एक नाईटी निकाल ली और लेकर अंदर चली गयी और फिर वो नाईटी पहनकर फ्रेश होकर आई. फिर में भी फ्रेश होकर नहाकर बाहर निकला. अब मैंने बाथरूम में जाकर मुठ भी मार ली थी. मैंने सोचा कि शायद रात को उसकी चूत मार लूँ.

फिर में बाहर आकर उससे बात करने लगा, अब वो बेड पर बैठी थी और में सोफे पर बैठा. फिर मैंने उससे पूछा कि कुछ खाओगी, तो उसने मना कर दिया. फिर हम बातें करने लगे तो उसने बताया कि वो लोग बहुत ग़रीब थे, लेकिन माँ की नौकरी के कारण खाना पीना ठीक मिल जाता था.

फिर मैंने उससे उसके पति के बारे में पूछा, तो वो बोली कैसा पति? साहब वो मुझे झूठ बोलकर लेकर आया था, साला मुझे यहाँ बेचने लाया था, बड़ी मुश्किल से बचकर निकली हूँ साहब. फिर मैंने उससे कहा कि उसने तुम्हारे साथ कुछ किया नहीं, तो वो बोली नहीं साहब वो साला तो नामर्द था, में अभी भी कुंवारी हूँ. फिर वो उसे गाली देने लगी. फिर मैंने सिगरेट निकाली और पीने लगा तो वो मुझे देखने लगी. फिर मैंने उससे कहा कि सोनी तुम बेड पर सो जाओ और में सोफे पर सो जाता हूँ. फिर वो बोली कि नहीं साहब आप सोफे पर नहीं, में सो जाउंगी.

फिर में बेड पर आकर लेट गया और वो सोफे पर लेट गयी. फिर वो थोड़ी देर में सो गयी और में अपना काम करके सो गया. फिर अगली सुबह हम दोनों उठे. फिर मैंने उससे पूछा कि सोनी चाय पीओगी, तो वो बोली कि हाँ और फिर हमने साथ में चाय पी. फिर मैंने उससे कहा कि सोनी मुझे 11 बजे जाना है और में 5 बजे तक आ जाऊंगा, तुम यहीं रहना और कुछ चाहिए हो तो फोन करके मंगा लेना.

फिर में तैयार होने लगा. फिर मैंने उससे बोला कि जाओ तुम भी तैयार हो जाओ, तो वो गयी और 20 मिनट के बाद वापस आई. अब उसने नई साड़ी पहनी थी और अब वो कल से भी ज़्यादा सुंदर लग रही थी. फिर वो ड्रेसिंग टेबल के सामने जाकर तैयार होने लगी, आज वो बहुत सुंदर लग रही थी. फिर मैंने उसकी खूब सारी फोटों खींची. फिर हमने नाश्ता किया और वो बोली कि साहब एक बात बोलूँ, तो मैंने कहा कि क्या? तो वो बोली कि साहब मुझे कुछ पैसे दे दो, मुझे कुछ काम है तो मैंने उसे 500 रुपये दे दिए. फिर में वहाँ से चला गया.

फिर जब में शाम को आया तो मैंने देखा कि वो सोफे पर बैठकर टी.वी. देख रही थी. फिर मैंने उससे पूछा कि खाना खाया, तो वो बोली हाँ और फिर में चेंज करके आया. अब तक मैंने उसे हाथ भी नहीं लगाया था. फिर में फ्रेश होकर उसके पास बैठा तो मैंने देखा कि उसमें से एक अच्छी सी पर्फ्यूम की खुशबू आ रही थी.

फिर मैंने उससे बोला कि सोनी तुम बहुत खूबसूरत लग रही हो, तो वो शर्मा गयी. फिर मैंने अपने फोन से उसकी कुछ फोटो खींची. फिर अचानक से मैंने अपना एक हाथ उसके कंधे पर रख दिया तो फिर वो मुझसे आकर चिपक गयी. अब में उसे किस करने लगा तो अब वो भी मेरा साथ देने लगी. अब मैंने उसकी साड़ी का पल्लू नीचे गिरा दिया.

फिर मैंने उसकी साड़ी उतार दी. फिर उसका ब्लाउज खोल दिया, अब वो पिंक ब्रा में और पिंक पेंटी में थी, शायद उसने बाहर जाकर खरीदी थी. फिर मैंने अपने कपड़े भी खोल दिए. फिर मैंने उसे बेड पर लेटा दिया और अपना लंड बाहर निकाल दिया और उसकी चूत को पेंटी के ऊपर से रगड़ने लगा. फिर मैंने उसकी पेंटी को भी उतार दिया और मैंने देखा कि उसकी चूत शेव की हुई थी और गीली हो गयी थी. फिर मैंने उससे बोला कि मेरा लंड चूसो, तो वो थोड़ी हिचकिचाई, लेकिन मैंने उसके मुँह में अपना लंड डाल दिया. फिर वो अच्छे से मेरा लंड चूसने लगी.

फिर मैंने कंडोम पहन लिया और उसे अपने ऊपर बैठा लिया. फिर मैंने उसकी चूत में अपना लंड डाल दिया और अब वो उछल-उछलकर मज़े देने लगी. फिर मैंने उसे घोड़ी बनाकर उसकी चूत में अपना लंड डाला. फिर मैंने उसे 30 मिनट तक लगातार चोदा और फिर में झड़ गया. इस बीच वो कई बार झड़ी और उस रात हमने कई बार चुदाई की.

फिर वो मुझसे बोली कि साहब में हमेशा आपकी बनकर रहूंगी, आप मुझे कभी मत छोड़ना, में जिंदगीभर आपकी गुलाम रहूंगी और अब में बहुत खुश हुआ. फिर मैंने उससे पूछा कि पैसो का क्या किया? तो उसने अपनी ब्रा और पेंटी दिखाई और बोली कि शेव करने का लाई हूँ. फिर हमने साथ में डिनर किया. फिर अगले दिन हम बाहर घूमने गये और अब मैंने उसे कुछ ड्रेस दिलाई. फिर हमने वापस आकर फिर से चुदाई की और हमने पूरे दो दिन तक खूब मस्ती की. फिर उसने मुझे बताया कि में ही हूँ जो उसके साथ पहली बार सोया हूँ. फिर हम पटना से वेस्ट बंगाल आ गये और इस बार में अकेले नहीं बल्कि अपनी रखेल के साथ आया था. फिर घर आकर मैंने उसे फिर से चोदा और इस तरह वो पूरे दो साल तक मेरे पास रही.